बिहार भूलेख पोर्टल 2024: भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण | भू-नक्शा, बिहार लैंड रिकॉर्ड, ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज

बिहार भूलेख पोर्टल 2024: भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण | भू-नक्शा, बिहार लैंड रिकॉर्ड, ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज

बिहार राज्य सरकार ने हाल ही में “बिहार भूलेख 2024” नामक एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। यह पहल भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और मानचित्रण के माध्यम से भूमि अधिकारों को मजबूत करने और पारदर्शिता लाने पर केंद्रित है। इस योजना के तहत, राज्य के सभी जिलों में भूमि संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में संग्रहित किया जाएगा और उनका मानचित्रण किया जाएगा। यह प्रक्रिया उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रह छवियों और ड्रोन सर्वेक्षण का उपयोग करके की जाएगी। इसके बाद, भूमि मालिकों को उनकी संपत्ति के डिजिटल रिकॉर्ड और नक्शे प्रदान किए जाएंगे।

 

Also Read: 

MP Bhulekh – मध्यप्रदेश भूलेख खसरा खतौनी लैंड रिकॉर्ड देखे, भू नक्शा Online देखे

इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और भूमि अधिकारों को सुरक्षित करना है। डिजिटलीकृत रिकॉर्ड और सटीक मानचित्रण से भूमि सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जा सकेगा, जिससे विवादों की संभावना कम हो जाएगी। साथ ही, यह भू-राजस्व प्रबंधन में भी सुधार लाएगा।

बिहार भूलेख 2024 का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन सेवाएं नागरिकों को भूमि संबंधी लेनदेन करने में आसानी प्रदान करेंगी। यह भ्रष्टाचार को कम करने और लोगों की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करेगा। बिहार भूलेख 2024 एक दूरगामी पहल है जो राज्य के भूमि प्रबंधन और विकास में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यदि यह सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो यह केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकता है।

 

बिहार भूलेख पोर्टल की विशेषताएं

बिहार भूलेख पोर्टल “बिहार भूलेख 2024” परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो भूमि मालिकों और आम लोगों को उनकी भूमि से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और लेनदेन करने में सक्षम बनाता है। इस पोर्टल की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  1. भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण: पोर्टल पर सभी भूमि संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इसमें खातियां, खसरा, खतौनी, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। यह उपयोगकर्ताओं को किसी भी समय किसी भी जगह से अपने रिकॉर्ड तक पहुंचने की सुविधा प्रदान करेगा।
  2. इंटरैक्टिव भू-नक्शे: पोर्टल पर उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रह छवियों और ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर बने इंटरैक्टिव भू-नक्शे उपलब्ध होंगे। उपयोगकर्ता इन नक्शों पर अपनी भूमि की सीमाओं को देख और परिभाषित कर सकेंगे।
  3. ऑनलाइन लेनदेन: पोर्टल के माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी भूमि से संबंधित विभिन्न लेनदेन जैसे कि खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार और भूमि रिकॉर्ड अद्यतन आदि ऑनलाइन कर सकेंगे। यह प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होगी।
  4. हेल्पडेस्क सहायता: किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए उपयोगकर्ता पोर्टल पर उपलब्ध हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पडेस्क पर प्रशिक्षित कर्मचारी उपयोगकर्ताओं की सहायता करेंगे।
  5. मोबाइल ऐप: पोर्टल की सुविधाओं को आसानी से उपलब्ध करने के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जाएगा। इससे लोग अपने स्मार्टफोन से ही भूमि से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और लेनदेन कर सकेंगे।
  6. भाषा समर्थन: पोर्टल बहु-भाषा समर्थन प्रदान करेगा, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और अन्य स्थानीय भाषाएं शामिल होंगी। यह उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंदीदा भाषा में पोर्टल का उपयोग करने की सुविधा देगा।
  7. अपना खाता देखें: इस सुविधा के माध्यम से नागरिक अपना खाता, खेसरा, जमाबंदी आदि जैसे विभिन्न भूमि विवरणों की जांच कर सकते हैं।
  8. ऑनलाइन दाखिल खारिज: नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दाखिल खारिज (Mutation) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  9. भू-नक्शा: नागरिक अपनी जमीन का भू-नक्शा ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
  10. जमाबंदी पंजी: नागरिक अपनी जमाबंदी पंजी ऑनलाइन देख सकते हैं।
  11. एलपीसी आवेदन: नागरिक ऑनलाइन एलपीसी (Land Pass Certificate) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  12. भू-लगान: नागरिक अपना भू-लगान ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
  13. परिमार्जन: नागरिक अपनी जमीन से संबंधित त्रुटियों को ऑनलाइन सुधार सकते हैं।
  14. DCLR म्युटेशन अपील कोर्ट: नागरिक DCLR म्युटेशन अपील कोर्ट से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  15. SMS अलर्ट सेवा: नागरिक अपने भूमि अभिलेखों से संबंधित महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त करने के लिए SMS अलर्ट सेवा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

इस प्रकार, बिहार भूलेख पोर्टल बिहार भूलेख 2024 का एक महत्वपूर्ण अंग है जो भूमि प्रबंधन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

 

 

बिहार भूलेख पोर्टल के लाभ

बिहार भूलेख पोर्टल राज्य के भूमि प्रबंधन में एक क्रांतिकारी पहल है। इस पोर्टल से न केवल भूमि मालिकों को लाभ होगा, बल्कि इससे पूरे राज्य के भूमि प्रशासन में सुधार आएगा। इस पोर्टल के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण: इस पोर्टल के माध्यम से सभी भूमि अभिलेख जैसे खसरा, खतौनी, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स आदि डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। यह न केवल इन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि भूमि मालिकों को अपने रिकॉर्ड तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
  2. सटीक भू-नक्शे: पोर्टल पर उपलब्ध इंटरैक्टिव भू-नक्शे उच्च रिज़ॉल्यूशन की उपग्रह छवियों और ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर बनाए गए हैं। ये नक्शे भूमि की सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करेंगे, जिससे भूमि विवादों को कम किया जा सकेगा।
  3. ऑनलाइन लेनदेन: पोर्टल के माध्यम से भूमि से संबंधित विभिन्न लेनदेन जैसे खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार दर्ज करना, रिकॉर्ड अपडेट करना आदि ऑनलाइन किए जा सकेंगे। यह प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होगी, जिससे भ्रष्टाचार को कम किया जा सकेगा।
  4. समय और लागत की बचत: ऑनलाइन सेवाओं के कारण, भूमि मालिकों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे अपने घर या कार्यालय से ही लेनदेन कर सकेंगे, जिससे उनका समय और पैसा बचेगा।
  5. भू-राजस्व प्रबंधन में सुधार: डिजिटल रिकॉर्ड और सटीक भू-नक्शों से भू-राजस्व प्रबंधन में काफी सुधार होगा। यह भूमि कर संग्रह को बेहतर बनाएगा और राजस्व में वृद्धि करेगा।
  6. ग्रामीण विकास को बढ़ावा: जब भूमि संबंधी विवाद कम होंगे और भूमि अधिकार सुरक्षित होंगे, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देगा। किसान और अन्य लोग अपनी भूमि का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
  7. निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा: स्पष्ट भूमि अधिकारों और पारदर्शी प्रक्रियाओं से निवेशकों का भूमि में निवेश करने का विश्वास बढ़ेगा। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
  8. बेहतर शासन: बिहार भूलेख पोर्टल लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगा, जिससे शासन में सुधार होगा।

इस प्रकार, बिहार भूलेख पोर्टल न केवल भूमि मालिकों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पूरे राज्य के भूमि प्रबंधन और विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

बिहार भूलेख पोर्टल का उपयोग कैसे करें

बिहार भूलेख पोर्टल का उपयोग करने के लिए, नागरिकों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

  1. बिहार भूलेख पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://bhumijankari.bihar.gov.in/ पर जाएं।
  2. होमपेज पर, उस सेवा का चयन करें जिसका आप उपयोग करना चाहते हैं।
  3. आवश्यक जानकारी दर्ज करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  4. यदि आप पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको पहले पंजीकरण करना होगा।

 

बिहार लैंड रिकॉर्ड (अपना खाता) देखने की प्रक्रिया

बिहार में भूलेख पोर्टल की मदद से नागरिक अपने खाते की नकल आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:

भूलेख बिहार पोर्टल पर जाएं

  • सबसे पहले आपको बिहार भूलेख पोर्टल (https://biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/) पर जाना होगा।
  • होमपेज पर “अपना खाता देखें” लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद एक नया पेज खुल जाएगा।

अपने जिले का चुनाव करें

  • नए पेज पर बिहार राज्य का नक्शा दिखाई देगा जिसमें सभी जिले दर्शाए गए होंगे।
  • आपको अपने जिले पर क्लिक करना होगा।
  • जिले का चयन करने के बाद, अपनी तहसील का चयन करें।

खाता खोजें

  • अब आप अपना खाता खोजने के लिए विभिन्न विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
    • खाता संख्या दर्ज करें
    • खेसरा संख्या दर्ज करें
    • खाताधारी का नाम दर्ज करें
  • आप यदि चाहें तो मौजा के सभी खातों को नामानुसार या खेसरानुसार भी देख सकते हैं।
  • जब आप अपना खाता ढूंढ लें तो “देखें” विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपका पूरा खाता विवरण आपके सामने प्रदर्शित हो जाएगा।

इस तरह से आप बिहार भूलेख पोर्टल की मदद से बेहद आसानी से अपना लैंड रिकॉर्ड और खाता विवरण देख और डाउनलोड कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और आपको किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज (Mutation Application) करने की प्रक्रिया

बिहार में ऑनलाइन दाखिल खारिज आवेदन करना बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:

बिहार भूमि ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं

  • सबसे पहले आपको बिहार भूलेख पोर्टल (https://biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/) पर जाना होगा।
  • होमपेज पर “ऑनलाइन दाखिल खारिज आवेदन करें” लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद एक नया पेज खुल जाएगा।

लॉग इन या रजिस्ट्रेशन करें

  • दाखिल खारिज के आवेदन के लिए आपको पोर्टल पर लॉग इन करना होगा।
  • यदि आप पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए “रजिस्ट्रेशन” लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आप लॉग इन कर सकते हैं।

आवेदन फॉर्म भरें

  • लॉग इन करने के बाद, आपको दाखिल खारिज आवेदन फॉर्म दिखाई देगा।
  • इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां जैसे संपत्ति का विवरण, लेन-देन का प्रकार, दस्तावेज आदि भरें।
  • सभी आवश्यक जानकारियां भरने के बाद फॉर्म जमा करने के लिए “सबमिट” बटन पर क्लिक करें।

अन्य आवश्यक कदम

  • आवेदन सबमिट करने के बाद, आपको संबंधित दस्तावेजों की स्कैन की हुई प्रतियां अपलोड करनी होंगी।
  • साथ ही, आपको आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा।
  • एक बार सभी आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा होने के बाद, आपका आवेदन प्रक्रिया के लिए भेज दिया जाएगा।

इस तरह से आप बिहार भूलेख पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही दाखिल खारिज का आवेदन कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित है। आप अपने आवेदन की स्थिति को भी ट्रैक कर सकते हैं।

 

प्लॉट नंबर के माध्यम से बिहार में भू-नक्शा (भू नक्शा) खोजना

बिहार में भू नक्शा खोजने के लिए प्लॉट नंबर का उपयोग किया जा सकता है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित निर्देशों का पालन करें:

कदम 1: बिहार भू नक्शा वेबपेज लिंक भू नक्शा बिहार (bhunaksha.bihar.gov.in/) पर जाएं।

कदम 2: आपको मौजा, जिला, परिमंडल, उप-खंड और प्रकार की जानकारी भरनी होगी।

कदम 3: उपरोक्त फील्ड भरने के बाद, चयनित क्षेत्र का नक्शा प्रदर्शित होगा।

कदम 4: इसके बाद, खोज पट्टी दिखाई देगी। आप खोज बटन पर क्लिक कर सकते हैं और प्लॉट नंबर दर्ज कर सकते हैं।

कदम 5: खोज बटन दबाने के तुरंत बाद, इच्छित प्लॉट का बड़ा आकार का लाइन नक्शा स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

इस तरह आप बिहार भू नक्शा पोर्टल पर प्लॉट नंबर का उपयोग करके किसी भी प्लॉट का भू-नक्शा आसानी से खोज सकते हैं। यह सुविधा भूमि से संबंधित विवरण प्राप्त करने में आपकी मदद करेगी।

 

निष्कर्ष

बिहार भूलेख पोर्टल 2024 का उद्देश्य राज्य के भूमि प्रबंधन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाना है। यह पहल भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, सटीक भू-नक्शों के निर्माण और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता लाने पर केंद्रित है। इससे न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि भू-राजस्व प्रबंधन में भी सुधार होगा। साथ ही, यह भ्रष्टाचार को कम करने और लोगों के विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा। भूमि मालिकों के लिए यह पहल काफी लाभकारी साबित होगी क्योंकि वे अपने भूमि अभिलेख आसानी से देख और लेनदेन कर सकेंगे। यदि यह पहल सफलतापूर्वक लागू की जाती है, तो यह केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकती है।

 

बिहार भू नक्शा से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

 

1. बिहार भू नक्शा कैसे डाउनलोड करें?

बिहार में भू नक्शा डाउनलोड करने की प्रक्रिया चरण-दर-चरण:  

  1. भू नक्शा वेबसाइट पर जाएं और जिला, परिमंडल, मौजा, उप-खंड आदि दर्ज करें।
  2. खसरा नंबर पर ज़ूम करके आप मानचित्र रिपोर्ट और आरओआर रिपोर्ट देख सकते हैं। 
  3. “डाउनलोड” विकल्प चुनें।

 

2. खसरा नंबर से बिहार भू नक्शा कैसे देखें?

भू नक्शा वेबसाइट (bhunaksha.bih.nic.in) पर अपना खाता सक्रिय करें। शीट, परिमंडल, प्रकार, मौजा, जिला और उप-खंड चुनें। किसी विशिष्ट स्थान की जानकारी प्राप्त करने के लिए मानचित्र पर खसरा नंबर पर क्लिक करें।  

 

3. बिहार भू नक्शा का क्या महत्व है? 

भू नक्शा का उपयोग प्लॉट की सटीक सीमाओं को निर्धारित करने, संपादित करने और डिजिटलीकरण के लिए किया जाता है। यह प्लॉट खरीदने से पहले खरीदार को प्लॉट की जानकारी दोबारा जांचने में मदद करता है। इस पोर्टल से प्लॉट के मालिक की पहचान, खसरा और खतौनी संख्या, भूमि उपयोग प्रकार आदि जैसी अतिरिक्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

4. बिहार भू नक्शा देखने के लिए कोई मोबाइल ऐप उपलब्ध है?

हालांकि एप्पल स्टोर और गूगल प्लेस्टोर पर बिहार भू नक्शा के लिए कई मोबाइल ऐप उपलब्ध हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोई भी ऐप विकसित नहीं किया गया है।  

 

5. बिहार भू नक्शा को ऑनलाइन देखने का क्या शुल्क है?

सरकार द्वारा बिहार भू नक्शा को ऑनलाइन देखने के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। आम जनता इसे निःशुल्क देख सकती है।

 

Leave a Comment

Index
Floating Icons